जी हां आपने सही सुना हरियाणा के रेवाड़ी जिले और राजस्थान के अलवर जिले के बॉर्डर पर बना हुआ है एक घर जिसका आंगन राजस्थान में और 8 कमरे हरियाणा में बने हुए हैं इस घर में दो गेट है
एक दरवाजा हरियाणा में खुलता है तो दुसरा राजस्थान में। पानी के लिए नल राजस्थान की सीमा में लगा है, वहीं से पानी आता है, लेकिन राजस्थान से आने वाला ये पानी भरता है हरियाणा में रखी टंकी में। ये घर हरियाणा के रेवाड़ी जिले के धारूहेड़ा कस्बे और राजस्थान के भिवाड़ी की सीमा पर बना है।
- घर में बिजली कनेक्शन भी दोनों राज्यों के हैं। मकान में राजस्थान की बिजली है और मकान से ही निकली दुकानों में हरियाणा की।
- मोबाइल नेटवर्क में तो घर वालों को खासी परेशानी उठानी पड़ती है। घर के अंदर ही 10 कदम चलते ही फोन में रोमिंग लग जाती है।
- दिन में कभी मैसेज आता है कि राजस्थान के नेटवर्क में आपका स्वागत है, तो कभी हरियाणा के नेटवर्क में।
- घर की रसाेई हरियाणा की सीमा में है, लेकिन चूल्हा आंगन में रखा गया है, जहां राजस्थान की सीमा लग जाती है।
यह मकान इसलिए भी चर्चा में रहता है कि इसमें रह रहे चाचा-भतीजा दोनों अलग-अलग राज्यों के नगर निकायों से नगर पार्षद हैं।
चाचा कृष्ण दायमा हरियाणा की धारूहेड़ा नगर पालिका, जबकि भतीजा हवा सिंह दायमा भिवाड़ी नगर परिषद में पार्षद है। कृष्ण वर्ष 2008 व 2014 और हवा सिंह 2009 व 2014 में लगातार दो बार चुनाव जीतकर पार्षद बने। घर में दोनों राज्यों के मतदाता रह रहे हैं। कृष्ण दायमा के मुताबिक करीब एक दशक पहले उनके वोट राजस्थान में थे। 2008 में चुनाव लडऩे से पहले उन्होंने अपने वोट राजस्थान से कटवाकर हरियाणा के बनवा लिए थे। हवासिंह, उनकी पत्नी, माता-पिता व दादी के वोट राजस्थान में ही हैं।
दरअसल यह परिवार 60 के दशक से ही यहां बसा हुआ है, लेकिन यह प्लॉट वर्ष 1996 में नीलामी के दौरान खरीदा गया था। 5 हजार वर्गमीटर के इस प्लॉट का करीब एक हजार वर्ग हिस्सा हरियाणा में है। उन्होंने महज सड़क पर प्लॉट के लिए यह जमीन खरीदी थी, दोनों राज्यों में इस तरह बंटे होने पर विशेष गौर नहीं किया।
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