COVID-19 (कोरोना) Part-1. ( Corona poem part 1)

ए कोरोना, ए कोरोना...
 क्या है तुमने मन में ठानी ,
 2020 के अंत में जानी,
 क्या है तेरी जीवन कहानी ।

ए कोरोना ए कोरोना..
वृध्द, बच्चे और जवान,
छिन ली सबकी तुने जान,
देखे होंगे सपने मिलकर
बिखर गए सबके अरमान।

ए कोरोना ए कोरोना...
 साहब को बनाया दिया भिखारी,
 फिर भी नई लहर है जारी।

समय से पहले लोगो को
 पहुंचा दिया भगवान के घर,
 लोगों के मन में बैठाया अपना डर
मिट नहीं सकेगा इतिहास तुम्हारा,
सबने लगाया 'कोरोना भगाओ' का नारा।

ए कोरोना ए कोरोना..
अपनों से जुदा कर दिया तुमने,
विश्व किस तरह हिला दिया तुमने,
अमेरिका जैसे देश को भी
संकट का आईना दिखा दिया तुमने।
ए कोरोना ए कोरोना..


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